पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में सास की हत्या कर शव को भूसे के ढेर में जलाने के आरोप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि पत्नी के बार-बार मायके आने से नाराज एक व्यक्ति ने अपनी 65 वर्षीय सास की हत्या कर दी और पहचान छिपाने के लिए शव को घर के बाहर रखे भूसे के ढेर में जला दिया। राख हटाने पर जली हुई हड्डियां और चूड़ियां मिलने के बाद मामले का खुलासा हुआ। हालांकि बरामद हड्डियां महिला की ही हैं या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने अवशेषों को डीएनए जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
रात में सास के घर पहुंचा था दामाद
मामला अमरिया थाना क्षेत्र के जिठनिया गांव का है। गांव निवासी सुरेश कुमार पुत्र नत्थू लाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी 65 वर्षीय मां मोहन देई गांव के बाहर कब्रिस्तान के पास बने अपने दूसरे मकान में रहती थीं।
सुरेश के मुताबिक 31 जुलाई की रात करीब आठ बजे उसका बहनोई महेंद्र पाल पुत्र पंचम लाल निवासी हरहरपुर उसकी मां के घर पहुंचा था। आरोप है कि वह रात में वहीं रुका। शिकायतकर्ता का कहना है कि महेंद्र अपनी पत्नी के बार-बार मां के पास आने से नाराज रहता था।
शव को भूसे के ढेर में जलाने का आरोप
सुरेश का आरोप है कि इसी नाराजगी के चलते महेंद्र ने रात में मौका पाकर उसकी मां की हत्या कर दी। इसके बाद घटना को छिपाने के लिए शव को घर के बाहर बने भूसे के ढेर में रखकर जला दिया गया।
अगले दिन जब सुरेश को अपनी मां दिखाई नहीं दीं तो उसने आसपास और अन्य संभावित स्थानों पर उनकी तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। कई दिन तक कोई जानकारी न मिलने के बाद मामले की तस्वीर गुरुवार शाम बदली।
राख हटाई तो मिलीं जली हड्डियां और चूड़ियां
गुरुवार शाम भूसे के जले हुए ढेर की राख हटाई जा रही थी। इसी दौरान उसमें जली हुई हड्डियां और चूड़ियां मिलीं। अवशेष मिलने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया और महिला की हत्या की आशंका सामने आई।
इसके बाद सुरेश ने अपने बहनोई महेंद्र पाल के खिलाफ अमरिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर नामजद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हड्डियां किसकी हैं, डीएनए जांच से होगा खुलासा
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल बरामद हड्डियों की पहचान का है। मौके से फिलहाल जली हुई हड्डियां और चूड़ियां मिली हैं। परिवार इन्हें मोहन देई के अवशेष बता रहा है, लेकिन पुलिस वैज्ञानिक जांच के बाद ही इसकी पुष्टि करना चाहती है।
पुलिस इन अवशेषों का डीएनए परीक्षण कराएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भूसे के ढेर से मिले अवशेष मोहन देई के हैं या नहीं।
आरोपी दामाद के खिलाफ मुकदमा, हर पहलू की जांच
सीओ सदर नताशा गोयल ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर नामजद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बरामद हड्डियों को डीएनए परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक वैज्ञानिक साक्ष्य इस मामले में अहम भूमिका निभाएंगे। डीएनए रिपोर्ट और विवेचना के दौरान सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
